- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
द पार्क इंदौर में होगा “फ्लेवर्स फ्रॉम द सदर्न शोरस” फूड फेस्टिवल का आयोजन
· 15 से 25 मई तक पारंपरिक साउथ इंडियन डिशेज के का मिलेगा स्वाद
इंदौर, 15 मई 2026। दक्षिण भारत का खाना लंबे समय तक सिर्फ डोसा, इडली और सांभर तक सीमित समझा जाता रहा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लोगों की पसंद तेज़ी से बदली है। अब लोग सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक स्वाद, मसालों और वहां की फूड संस्कृति को समझने में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी ट्रेंड के बीच इंदौर के द पार्क में 15 मई से “फ्लेवर्स फ्रॉम द सदर्न शोरस” फूड फेस्टिवल शुरू होने जा रहा है। यह फेस्टिवल 25 मई तक चलेगा और हर शाम 7:30 बजे से आयोजित किया जाएगा।
द पार्क इंदौर के एग्जीक्यूटिव शेफ संतोष यादव ने कहा, “इस फूड फेस्टिवल का मेन्यू तैयार करते समय हमने कोशिश की है कि दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद और वहां की असली कुकिंग स्टाइल को बरकरार रखा जाए। पहले दिन के मेन्यू में पाचा मेलागाई पालकट्टी पेराटल, अनाबे घी रोस्ट, मसाला वड़ा, पोडी इडली, गुंटूर कोडी, मीन पोरिचाथु, मटन घी रोस्ट, चिकन 65, कुट्टी नट्टू थक्काली रसम, बेन्ने और मसाला डोसा, उत्तपम, रवा डोसा, पेसरट्टू, अप्पम-स्ट्यू, अप्पे, पुट्टू-कडला करी, और दूसरे दिन पनीर 65, उरलई वरुवल, गोली बज्जी, मिर्ची वड़ा, मुट्टे बज्जी, आंध्रा ग्रीन चिली चिकन, मटन पेपर फ्राय, आंध्रा फिश फ्राय, मिलागु परुप्पु रसम, कोझी चारू, लेमन कोकोनट राइस, कूर्ग पनीर, पोटैटो पोडिमास, बीन्स थोरन, पोंडू कोलंबो, बगारा बैंगन, पलापालम गस्सी, पाइनएप्पल करी, कूर्ग चिकन बिरयानी, मैंगलोर मटन स्ट्यू, इडिचा कोझी मसाला, कोडी गस्सी और मीन मोइली जैसी डिशेज शामिल की गई हैं।
द पार्क इंदौर के एफ एंड बी डायरेक्टर सुदीप कांजीलाल ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में लोगों के खाने की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब लोग सिर्फ रेगुलर मेन्यू तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक फूड कल्चर और वहां के असली स्वाद को भी करीब से अनुभव करना चाहते हैं। इस फूड फेस्टिवल के ज़रिए हमारी कोशिश उसी विविधता को एक मंच पर लाने की है। हमने मेन्यू में सिर्फ लोकप्रिय डिशेज ही नहीं, बल्कि कई पारंपरिक और क्षेत्रीय व्यंजनों को भी शामिल किया है, ताकि लोगों को एक अलग और ऑथेंटिक फूड एक्सपीरियंस मिल सके।”
आयोजन को दक्षिण भारत की पारंपरिक संस्कृति और खानपान थीम के साथ तैयार किया गया है। फेस्टिवल में लाइव काउंटर्स लगाए जाएंगे, जहां मेहमानों के सामने ताजा डोसा और दूसरी डिशेज तैयार की जाएंगी।


